Mahabharat Ke Amar Patra : Maharaja Dhritarashtra - महाभारत के अमर पात्र : महाराज धृतराष्ट्र

Mahabharat Ke Amar Patra : Maharaja Dhritarashtra - महाभारत के अमर पात्र : महाराज धृतराष्ट्र
Autor:
Dr. Vinay
ISBN:
9789352785872
ISBN10:
9352785878
Herausgeber:
Dpb
Sprache:
Bindung:
E-book
Veröffentlichungsdatum:
2017-10-09
Illustriert:
Nein

Zusatzinformation

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महाभारत भारतीय संस्कृति का अन्यतम ग्रंथ है। इसे पांवा वेद कहा गया है। अनेक भारतीय-पाश्चात्य विद्वानों ने इसे महाकाव्य मानकर संस्कृति, दर्शन तत्व, चिंतन, भक्ति की सम्पूर्ण अभिव्यक्ति का मूल स्रोत माना है।


महाभारत में जिस विराट संस्कृति, धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष के व्यवहार की आधारशिला रखी गई है, उसका वहन करते हैं योगीराज कृष्ण, भीष्म, द्रोण, कौरव, पाण्डव और प्रकृति शक्ति में कुंती, द्रौपदी तथा गांधारी जैसी सती! इनके साथ सांस्कृतिक विकास के आरोह अवरोह में‒सहयोगी होते हैं‒कर्ण, द्रुपद तथा अन्य पात्र (चरित्र) जो सीधे महाभारत के रचना धरातल पर सक्रिय हैं।


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Allgemeine Informationen

Titel:
Mahabharat Ke Amar Patra : Maharaja Dhritarashtra - महाभारत के अमर पात्र : महाराज धृतराष्ट्र
ISBN:
9789352785872
ISBN-10:
9352785878
Autor:
Dr. Vinay

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